STUDENT STRUGGLE LIFE
दतना और काम में कोई सहयोग नहीं''
छात्र जीवन में अक्सर ऐसे पल आते हैं जब मम्मी-पापा का दाटना और रिश्तेदारों के साथ, साथ ही माता-पिता का किसी काम में समर्थन न मिलना, एक साझा संघर्ष बन जाता है।
1. मम्मी-पापा का दातना: ये पल जब घर से दूर रहने का फैसला लेते हैं, तो मम्मी-पापा का दतना एक आम अनुभव बन जाता है। इसमें धैर्य और संचार का खेल बड़ा महत्व पूर्ण होता है। मम्मी पापा हमारी फिकर करते ही इसी लिए हमे डाटते हे तो अपनी पढ़ाई में ध्यान देना चाहिए
2. रिश्तेदारों के ताने: कभी-कभी रिश्तेदारों की तुलना और ताने, स्टूडेंट को डिमोटिवेट करते हे में बताना चाहूंगा रिस्तेदारो को गले मत लगाओ उनको पता ही नई होता उनका बचा क्या कर रहा है उन्ही की आदत होते ही सब बोलने की तो उसपे ध्यान मत दो और अपने करियर पर ध्यान दो कोई खिलाने नही आता है खुद ही करना पड़ता है सब
3. काम में माता-पिता का समर्थन: अगर माता-पिता का किसी करियर विकल्प में समर्थन न हो, जब हम सब गलत काम करते हे तब तो समर्थन नई लेते ही तो अच्छे काम में क्यों उनको चाहिए बस सक्सेसफुल बेटा या बेटी तो अपने काम में ध्यान दो और आगे बढ़ो
निपटने के लिए युक्तियाँ:
ओपन कम्युनिकेशन: मम्मी-पापा के साथ कभी भी जूठ मत बोलो उनके साथ मिल के रहो आपको हर तरफ से सपोर्ट करेंगे
स्व-प्रेरणा: अपने आप को प्रेरित करें, अपने लक्ष्यों को याद रखे
दोस्त _दोस्त ऐसे बनाओ की आपको कभी डिमोटिवेट करे ही ना अपनी हर बात एक जो आप सब बात बताते हो उसे बताओ वो अगर सच्चा दोस्त होगा तो आपको बहोत ज्यादा सपोर्ट करेगा और कुछ नई (focus on only gols ) अगर अच्छा लगा तो दोस्तो में shere kare " JAY HIND "
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